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श्रावण माह की दूसरी सवारी के लिए उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर तैयार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे पूजन; लोकनृत्यों से सजेगा रामघाट!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
श्रावण मास के दूसरे सोमवार, 22 जुलाई को उज्जैन में भगवान श्री महाकालेश्वर की विशेष सवारी धूमधाम से निकाली जाएगी। भगवान महाकाल इस बार चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में रजत पालकी में और मनमहेश स्वरूप में हाथी पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस विशेष मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंदिर पहुंचकर पूजन-अर्चन करेंगे और सवारी में भी सम्मिलित हो सकते हैं।
सवारी की शुरुआत शाम 4 बजे मंदिर के सभामंडप में पूजन से होगी। इसके बाद मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र बल की सलामी दी जाएगी। सवारी महाकाल चौराहा, गुदरी, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। वहाँ पवित्र शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। वापसी में सवारी रामानुजकोट, मोढ़ी धर्मशाला और कार्तिक चौक से होकर पुनः मंदिर लौटेगी।
इस बार की थीम: “भारत के लोकनृत्यों की भक्ति छटा”
रामघाट पर इस बार सवारी की थीम के अनुसार भव्य लोकनृत्य प्रस्तुतियां होंगी। इनमें मध्यप्रदेश का मटकी नृत्य, राजस्थान का गणगौर, असम का बिहू, गुजरात का भवाई और कर्नाटक का पुलियाट्टम नृत्य प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं। इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
भक्तों के लिए लाइव दर्शन की विशेष सुविधा
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति इस पावन सवारी का लाइव प्रसारण फेसबुक पेज पर करेगी। इसके अलावा, सवारी मार्ग पर एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएंगी, जिनसे हजारों श्रद्धालु सीधे दर्शन कर सकें।
पहली सवारी में उमड़ा था भक्तों का सैलाब
श्रावण के पहले सोमवार को महाकाल की पहली सवारी निकली थी, जिसमें लगभग 2.5 लाख भक्तों ने दर्शन किए। इस दिन 54.48 क्विंटल लड्डू प्रसाद की बिक्री हुई, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹26 लाख थी।
दूसरी सवारी के लिए तैयार हो रहा है 80 क्विंटल लड्डू प्रसाद
दूसरी सवारी को देखते हुए मंदिर समिति ने 80 क्विंटल लड्डू प्रसाद तैयार करने का निर्णय लिया है। महाकाल का लड्डू प्रसाद देश-विदेश में प्रसिद्ध है और श्रावण जैसे पर्वों पर इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है।
सवारी कैलेंडर और विशेष स्वरूप
श्रावण मास में भगवान महाकाल की कुल 6 सवारियां निकलेंगी:
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21 जुलाई: द्वितीय सवारी – चंद्रमौलेश्वर (पालकी), मनमहेश (हाथी)
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28 जुलाई: तृतीय सवारी – शिव तांडव (गरुड़ रथ), चंद्रमौलेश्वर, मनमहेश
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4 अगस्त: चतुर्थ सवारी – चंद्रमौलेश्वर, मनमहेश, शिव तांडव, उमा महेश
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11 अगस्त: पंचम सवारी – उपरोक्त सभी स्वरूपों के साथ होलकर स्टेट
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18 अगस्त: राजसी सवारी – सबसे भव्य रूप में, सप्तधान मुखारविंद के दर्शन
श्रावण में तड़के खुलते हैं मंदिर के पट
श्रावण मास में भगवान महाकाल भक्तों के दर्शन के लिए जल्दी जागते हैं। हर रविवार की रात 2:30 बजे मंदिर के पट खुलते हैं और भस्म आरती से दिन की शुरुआत होती है। शेष दिनों में यह समय 3 बजे रहता है।